चार धाम

 

1. श्री बद्रीनाथ धाम: यह उत्तरांचल राज्य में हिमालय की पर्वतमाला के ऊंचे शिखरों के मध्य अलकनन्दा नदी के तट पर स्थित है। इस अति प्राचीन मन्दिर में भगवान नारायण जी का चतुर्भुजी भव्य स्वरूप विराजमान है।

2. श्री द्वारका धाम: यह पवित्र धाम गुजरात राज्य के समुद्र तट पर विद्यमान है। इस पवित्र धाम को भगवान श्री कृष्ण जी ने बसायाथा।यहभगवानश्रीकृष्ण जी कीकर्मभूमिहै।इसकर्म भूमि का धार्मिक महत्व तो है ही परन्तु इस धर्म भूमि का धार्मिक रहस्य भी कम नहीं है।

3. श्री जगन्नाथ धाम: यह पुण्य पवित्र धाम उड़ीसा राज्य के पुरी शहर में गंगा सागर/बंगाल की खाड़ी के तट पर विद्यमान है। यहां भगवान जगन्नाथ (श्री कृष्ण) बड़े भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा के साथविराजमानहैं। जगन्नाथ शब्दका अर्थ है=जगत के स्वामी। इस मन्दिर में वार्षिक रथ यात्रा का उत्सव बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इस उत्सव में देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु सम्मिलित होकर पुण्य अर्जित करते हैं।

4. श्री रामेश्वरम् धाम: यह पवित्र धाम तमिलनाडु राज्य के दक्षिण किनारे में स्थित है। यह धाम हिन्द महासागर और बंगालकी खाड़ी से चारों ओर घिरा है।यह द्वीप शंख के आकार का है। भगवान श्री राम ने लंका विजय भगवान शंकर जी की स्थापना करके पूजा-अर्चना की थी, और इसके समीप ही पत्थरों का सेतू बनाया था। जिसे श्री राम सेतू के नाम से जाना जाता है। इस धाम का गलियारा विश्व का सबसे लम्बा गलियारा है।

मनुष्य जीवन में चार धामों की यात्रा करना अनिवार्य माना गया है।